"मौसम आये और गए " हाउसकीपिंग कर्मचारियों विरोध का पांचवा दिन
Updated: Sep 4, 2025
सोमवार, 1 सितंबर 2025 की सुबह, हाउसकीपिंग कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का पाँचवाँ दिन था। दोपहर 2:30 बजे, डीन ऑफ़ स्टूडेंट अफेयर्स (DSA), डॉ. धीरज सांघी की तरफ से छात्रों को एक ईमेल मिला, जिसमें उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने अपने वेतन और वेतन वृद्धि के बारे में गलत जानकारी फैलाई है। देर दोपहर में, भारी बारिश के कारण कर्मचारी और छात्रों का अस्थायी टेंट ढह गया। इसके चलते प्रदर्शनकारियों को दो छोटे टेंट लगाने पड़े और कई लोग घर जाने पर मजबूर हुए।
डॉ. सांघी ने “स्टूडेंट गवर्नमेंट द्वारा समर्थित विरोध” शीर्षक वाले ईमेल में उल्लेख किया कि प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी थर्ड-पार्टी कर्मचारी हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि “[अशोका विश्वविद्यालय में] पिछले 5 सालों मे कर्मचारियों का वेतन वृद्धि 20-25% के बीच मे रहा है।” ईमेल में आगे उन्होंने सुझाव दिया हैं कि कर्मचारियों और ब्लूस्प्रिंग (BluSpring) कंपनी के बीच विश्वविद्यालय के अधिकारिय मध्यस्थता कर सकते हैं।
ब्लूस्प्रिंग कर्मचारी इस विरोध प्रदर्शन में बहुत कम ही मौजूद रहे हैं, और 29 अगस्त 2025 को एक ब्लूस्प्रिंग प्रतिनिधि ने आकर प्रदर्शनकारियों से बात की थी।
इसके अलावा, पिछली रात से हो रही लगातार बारिश के कारण प्रदर्शनकारी कर्मचारियों और छात्रों के टेंट को भी भारी नुक्सान पंहुचा हैं।
एक प्रदर्शनकारी कर्मचारी ने इस अखबार को बताया कि, “दोपहर में, टेंट की हालत खराब होने के कारण जब वे बारिश में ढह गए, तो एक कर्मचारी और एक छात्र को चोट भी लग गयी।” घंटों तक भारी बारिश के बावजूद, प्रदर्शनकारियों की स्थिति को लेकर प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया।बारिश के वजह से प्रदर्शनकारियों के पास गेट नंबर 1 के किनारे पर होने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। इसके कारण, प्रदर्शनकारी दो समूहों में अलग हो गए
इस अखबार से बातचीत में कर्मचारियों ने साफ़ शौचालयों, आपातकालीन डॉक्टरों या एम्बुलेंस सेवाओं की कमी जैसी चिंताओं पर भी प्रकाश डाला।
एक कर्मचारी ने निराशा में इस अखबार को बताया, “हम 28 अगस्त की सुबह 6 बजे से यहाँ बैठे हैं, और अभी तक प्रशासन से कोई भी हमसे बात करने नहीं आया है।” उन्होंने आगे कहा, “अशोका यूनिवर्सिटी कोई यूनिवर्सिटी नहीं, बल्कि एक कंपनी है जो डिग्री नाम का एक प्रोडक्ट बेचती है। इस कंपनी को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारी दिन-रात काम करते हैं, सफ़ाई करते हैं और छात्रों और उनके माता -पिता को प्रभावित करने में मदद करते हैं।”
यह ख़बर लिखे जाने तक, स्टूडेंट गवर्नमेंट ने DSA की ईमेल पर कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया है।प्रदर्शनकारी छात्र और कर्मचारी आज रात एक दुसरे टेम्पोरेरी टेंट में गुज़ारेंगे।




Comments